परिवहन विभाग में बड़ा एक्शन! ग्वालियर-डबरा-दतिया में दागी कर्मचारियों की कुंडली तैयार, चेक पोस्टों पर गड़बड़ी करने वालों पर गिरेगी गाज
Gwalior News: सौरभ शर्मा कांड के बाद परिवहन विभाग में बड़ी कार्रवाई की तैयारी। ग्वालियर, डबरा और दतिया में दागी कर्मचारियों की पहचान, शिकायत सेल होगा सक्रिय।
Gwalior News: मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों के बीच अब दागी कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा से जुड़े मामले के बाद विभाग की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है।
अब परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के स्तर पर ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है, जिनके खिलाफ चेक पोस्टों पर अवैध वसूली, ड्यूटी के दौरान अनियमितताओं और अन्य गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं।
इस कार्रवाई की शुरुआत ग्वालियर से की गई है। इसके साथ ही डबरा और दतिया में भी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
सौरभ शर्मा कांड के बाद भी नहीं थम रहे विवाद
मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा से जुड़े मामले ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
इस मामले के सामने आने के बाद विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की जरूरत महसूस की गई।
हालांकि, इसके बावजूद चेक पोस्टों पर अवैध वसूली और ड्यूटी के दौरान गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती रही हैं।
इन्हीं शिकायतों को देखते हुए अब विभाग ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर रहा है, जिनके कारण उसकी छवि प्रभावित हो रही है।
ग्वालियर, डबरा और दतिया में कार्रवाई
परिवहन विभाग ने दागी कर्मचारियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, ग्वालियर से इस अभियान की शुरुआत की गई है। इसके बाद डबरा और दतिया में भी कार्रवाई की गई है।
विभाग उन कर्मचारियों का रिकॉर्ड तैयार कर रहा है, जिनके खिलाफ पूर्व में शिकायतें दर्ज हुई हैं या जिनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य विभाग में जवाबदेही बढ़ाना और चेकिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना बताया जा रहा है।
चेक पोस्टों पर अवैध वसूली की शिकायतों पर सख्ती
प्रदेश के परिवहन चेक पोस्ट लंबे समय से अवैध वसूली के आरोपों के कारण चर्चा में रहे हैं।
वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों से अवैध वसूली की शिकायतों ने विभाग की छवि को प्रभावित किया है।
इसी स्थिति को सुधारने के लिए अब संदिग्ध गतिविधियों में शामिल कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
हालांकि, किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत होना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है। संबंधित आरोपों की पुष्टि जांच के आधार पर ही होगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बदली गई थी चेकिंग व्यवस्था
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवहन व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से पुराने चेक पोस्ट सिस्टम में बदलाव के निर्देश दिए थे।
इसके तहत पारंपरिक चेक पोस्ट व्यवस्था की जगह आधुनिक तकनीक आधारित चेकिंग व्यवस्था लागू करने की पहल की गई।
इस व्यवस्था का उद्देश्य वाहनों की जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और अनियमितताओं को रोकना है।
इसके बावजूद विभाग में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने के कारण कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया जा रहा है।
शिकायत सेल को सक्रिय करने की तैयारी
परिवहन विभाग में शिकायतों के निपटारे की व्यवस्था को मजबूत करने की भी तैयारी है।
इसके तहत शिकायत सेल को सक्रिय करने की योजना सामने आई है, ताकि वाहन चालकों, ट्रांसपोर्टरों और आम नागरिकों की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
शिकायतों के आधार पर संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा सकती है।
दागी कर्मचारियों पर जल्द हो सकती है कार्रवाई
परिवहन विभाग की इस पहल के बाद उन कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार या अनियमितताओं की शिकायतें दर्ज हैं।
विभागीय स्तर पर कर्मचारियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कितने कर्मचारियों को चिह्नित किया गया है और उनके खिलाफ किस प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर, डबरा और दतिया में शुरू हुई इस पहल के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि परिवहन विभाग की कार्रवाई से अवैध वसूली और भ्रष्टाचार की शिकायतों में कितनी कमी आती है।