ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे की जांच के लिए 6 सदस्यीय समिति गठित, बच्चों से क्रूरता और मारपीट के आरोपों की होगी जांच
Gwalior News: दारुल कुरआन मदरसे में बच्चों से कथित मारपीट और क्रूरता के आरोपों की जांच के लिए 6 सदस्यीय समिति गठित। सभी 26 बच्चे माता-पिता को सौंपे गए।
Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में दारुल कुरआन मदरसे से जुड़े बच्चों के साथ कथित क्रूरता और मारपीट के मामले में प्रशासन ने जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। मामले की विस्तृत जांच के लिए जिला पंचायत सीईओ सोजन सिंह रावत की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति गठित की गई है। यह समिति मदरसे की मान्यता, दस्तावेजों और बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच करेगी।
समिति जांच पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
कलेक्टर के निर्देश पर छह सदस्यीय जांच समिति का गठन
ग्वालियर में सामने आए दारुल कुरआन मदरसा मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया है।
कलेक्टर के निर्देश पर गठित समिति की अध्यक्षता जिला पंचायत सीईओ सोजन सिंह रावत करेंगे।
जांच समिति में विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल किए गए हैं।
समिति को मदरसे से संबंधित शिकायतों और दस्तावेजों की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बाल आयोग की रिपोर्ट में मारपीट के आरोपों का उल्लेख
मामले में मध्य प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आयोग की रिपोर्ट में बच्चों के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों का उल्लेख किया गया है।
इन आरोपों की जांच प्रशासनिक समिति द्वारा भी की जाएगी।
हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
मदरसे से रेस्क्यू किए गए सभी 26 बच्चे माता-पिता को सौंपे गए
मामले में एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी सामने आई है कि मदरसे से रेस्क्यू किए गए सभी 26 बच्चों को सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया है।
प्रशासन की ओर से बच्चों के परिजनों का सत्यापन किया गया, जिसके बाद उन्हें परिवारों के पास भेजा गया।
बच्चों की सुरक्षा और उनके साथ हुए कथित व्यवहार को लेकर जांच जारी है।
मदरसे की मान्यता और दस्तावेजों की भी होगी जांच
छह सदस्यीय समिति केवल बच्चों के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों की ही जांच नहीं करेगी, बल्कि मदरसे के संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल करेगी।
जांच के दौरान मदरसे की मान्यता, संबंधित रिकॉर्ड और संचालन से जुड़े नियमों की जांच की जाएगी।
समिति यह भी देखेगी कि मदरसे के संचालन में लागू नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
एजी ऑफिस के पास स्थित मदरसे पर पहुंची थी टीम
जानकारी के अनुसार, ग्वालियर में एजी ऑफिस के पास स्थित दारुल कुरआन मदरसे में जांच के लिए अधिकारियों की टीम पहुंची थी।
मामले से संबंधित शिकायतों और बाल अधिकार संरक्षण आयोग की रिपोर्ट के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
छह सदस्यीय समिति अपनी जांच पूरी करने के बाद विस्तृत रिपोर्ट ग्वालियर कलेक्टर को सौंपेगी।
रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर प्रशासन आगे की कार्रवाई का निर्णय लेगा।
यदि जांच में नियमों का उल्लंघन या बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
दारुल कुरआन मदरसा मामले में बच्चों के साथ कथित क्रूरता और मारपीट के आरोपों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अब प्रशासन द्वारा गठित समिति की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि मदरसे के संचालन में कोई अनियमितता हुई थी या नहीं और बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
Digital Gwalior News: ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसा मामले में छह सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। मदरसे से रेस्क्यू किए गए सभी 26 बच्चों को सत्यापन के बाद उनके माता-पिता को सौंप दिया गया है। अब समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।