ग्वालियर में करवा चौथ पर 7 साल बाद फिर एक हुए पति-पत्नी, कोर्ट की काउंसलिंग से दूर हुई नाराजगी, बेटी के साथ नई जिंदगी की शुरुआत
ग्वालियर में करवा चौथ पर 7 साल से अलग रह रहे पति-पत्नी फिर एक हुए। कुटुंब न्यायालय की काउंसलिंग से सुलझा विवाद, बेटी के साथ आगरा रवाना हुई पत्नी।
Gwalior Karwa Chauth News: ग्वालियर में करवा चौथ के अवसर पर पति-पत्नी के रिश्ते में सुलह की एक भावुक कहानी सामने आई है। सात साल से अलग रह रहे पति-पत्नी कुटुंब न्यायालय की पहल और काउंसलिंग के बाद फिर एक साथ रहने के लिए तैयार हो गए। सात वर्षों तक पति की तस्वीर देखकर करवा चौथ का व्रत रखने वाली सुनीता को इस बार पति का साथ मिला। वह अपनी बेटी के साथ नई जिंदगी की उम्मीद लेकर आगरा रवाना हो गईं।
करवा चौथ पर सात साल बाद खत्म हुई पति-पत्नी की दूरी
ग्वालियर, 29 अक्टूबर 2026। करवा चौथ का त्योहार पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इसी अवसर पर ग्वालियर से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसमें सात साल से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच फिर से सुलह हो गई।
गुना निवासी सुनीता (परिवर्तित नाम) और आगरा निवासी उनके पति मदन कुशवाह (परिवर्तित नाम) के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था।
दोनों पिछले सात वर्षों से अलग रह रहे थे। इसके बावजूद सुनीता हर साल करवा चौथ पर पति की तस्वीर देखकर व्रत रखती थीं।
आखिरकार कुटुंब न्यायालय की पहल और काउंसलिंग के बाद दोनों के बीच समझौता हो गया।
वर्ष 2017 में हुई थी शादी, बाद में बढ़ने लगा विवाद
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गुना निवासी सुनीता का विवाह वर्ष 2017 में आगरा निवासी मदन कुशवाह से हुआ था।
शादी के शुरुआती दिनों में दोनों के बीच सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद पारिवारिक विवाद बढ़ने लगे।
रिपोर्ट में बताया गया है कि ससुराल पक्ष की ओर से प्रताड़ना के आरोपों के कारण रिश्ते में तनाव पैदा हो गया था।
सुनीता के मुताबिक, उनके पति भी अपने परिवार का पक्ष लेने लगे थे, जिससे पति-पत्नी के बीच दूरियां बढ़ती चली गईं।
आखिरकार दोनों अलग रहने लगे।
वर्ष 2021 में बेटी को लेकर मायके लौट आई थीं सुनीता
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में सुनीता अपनी एक वर्षीय बेटी को लेकर मायके लौट आई थीं।
वहीं उनका तीन वर्षीय बेटा पिता के पास रह गया था।
पारिवारिक विवाद के कारण पति-पत्नी के साथ बच्चों का जीवन भी प्रभावित हुआ।
दोनों के बीच लंबे समय तक सुलह नहीं हो सकी और मामला न्यायालय तक पहुंच गया।
सात साल तक पति की तस्वीर देखकर रखा करवा चौथ का व्रत
इस कहानी का सबसे भावुक पहलू सुनीता का करवा चौथ का व्रत है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पति से अलग रहने के बावजूद सुनीता हर साल उनकी तस्वीर देखकर करवा चौथ का व्रत रखती थीं।
सात वर्षों तक उन्होंने इस परंपरा को जारी रखा।
लेकिन इस बार परिस्थितियां बदल गईं।
कुटुंब न्यायालय की पहल और काउंसलिंग के बाद पति-पत्नी के बीच बातचीत हुई और दोनों ने आपसी मतभेद दूर कर फिर से साथ रहने का निर्णय लिया।
कुटुंब न्यायालय की काउंसलिंग से बनी बात
ग्वालियर के कुटुंब न्यायालय में हुई काउंसलिंग ने दोनों के बीच सुलह कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बावजूद दोनों पक्ष बातचीत के लिए तैयार हुए।
काउंसलिंग के दौरान आपसी मतभेदों को सुलझाने का प्रयास किया गया।
अंततः पति-पत्नी ने अपने रिश्ते को एक और अवसर देने और साथ रहने का फैसला किया।
पति और बेटी के साथ आगरा रवाना हुईं सुनीता
सुलह होने के बाद सुनीता को इस बार करवा चौथ पर पति का साथ मिला।
सात साल से अलग रह रहे दंपती ने एक बार फिर साथ रहने का निर्णय लिया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुनीता अपनी बेटी और पति के साथ खुशहाल जीवन की नई उम्मीद लेकर गुरुवार को आगरा रवाना हो गईं।
यह अवसर उनके परिवार के लिए एक नई शुरुआत बन गया।
रिश्तों में संवाद और समझौते की अहमियत
ग्वालियर से सामने आई यह घटना पारिवारिक विवादों में संवाद और काउंसलिंग की भूमिका को दर्शाती है।
कई बार लंबे समय तक चले विवादों में बातचीत के रास्ते बंद हो जाते हैं। ऐसे मामलों में न्यायालय की काउंसलिंग दोनों पक्षों को अपनी बात रखने और समाधान तलाशने का अवसर दे सकती है।
हालांकि, प्रत्येक पारिवारिक विवाद की परिस्थितियां अलग होती हैं और सुलह का निर्णय दोनों पक्षों की स्वतंत्र सहमति तथा सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही होना चाहिए।
ग्वालियर में करवा चौथ के अवसर पर सामने आई इस कहानी में सात वर्षों की दूरी के बाद पति-पत्नी ने फिर साथ रहने का फैसला किया।
Digital Gwalior News
संपादकीय नोट: यह समाचार 29 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। संबंधित व्यक्तियों की निजता बनाए रखने के लिए रिपोर्ट में प्रयुक्त परिवर्तित नाम ही रखे गए हैं।