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ग्वालियर में खाद के गोदाम पर बड़ी कार्रवाई: 32 टन उर्वरक और नामी कंपनियों के 358 खाली बैग मिले, संचालक पर FIR

ग्वालियर के डबरा में खाद गोदाम पर कृषि विभाग की कार्रवाई। 32 टन उर्वरक और 358 खाली बैग मिले। संचालक पर FIR, खाद के सैंपल जांच के लिए भेजे गए।

ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में संदिग्ध खाद के भंडारण की सूचना पर प्रशासन और कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शुगर मिल क्षेत्र स्थित एक गोदाम की जांच के दौरान करीब 32 टन विभिन्न प्रकार के उर्वरक और नामी कंपनियों के छपे हुए 358 खाली बैग बरामद हुए। गोदाम संचालक उर्वरकों से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। कृषि विभाग की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डबरा के शुगर मिल क्षेत्र में खाद के गोदाम पर छापा

ग्वालियर, 29 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में खाद की गुणवत्ता और अवैध भंडारण को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की है।

डबरा के शुगर मिल क्षेत्र में स्थित एक गोदाम में संदिग्ध खाद रखे होने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन के निर्देश पर किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की टीम ने जांच की।

जांच के दौरान गोदाम से बड़ी मात्रा में उर्वरक और विभिन्न नामी कंपनियों के छपे हुए खाली बैग मिले।

अधिकारियों के अनुसार, गोदाम में लगभग 32 टन विभिन्न प्रकार के उर्वरक रखे हुए थे। इसके अतिरिक्त 358 खाली बैग भी पाए गए।

गोदाम से मिले 358 खाली बैग, नकली खाद की आशंका

जांच के दौरान गोदाम में नामी उर्वरक कंपनियों के छपे हुए 358 खाली बैग मिलने से खाद की पैकिंग और वितरण को लेकर सवाल उठे हैं।

अधिकारियों ने गोदाम संचालक से उर्वरकों के भंडारण और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा।

हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार संचालक मौके पर उर्वरकों के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

गोदाम में रखी खाद असली है या नकली, इसका पता प्रयोगशाला जांच के बाद ही चल सकेगा।

खाद के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए

कृषि विभाग ने गोदाम से बरामद उर्वरकों के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं।

इस जांच से खाद की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल बरामद खाद को नकली घोषित करना जल्दबाजी होगी, क्योंकि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आना बाकी है।

गोदाम संचालक निशांत अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी डबरा की लिखित शिकायत पर पुलिस थाना डबरा सिटी में गोदाम संचालक निशांत अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।

बताया गया है कि संबंधित गोदाम डबरा के शुगर मिल क्षेत्र में स्थित है।

पुलिस अब गोदाम में रखे उर्वरकों के स्रोत, दस्तावेजों और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है।

कृषि विभाग को मिली थी संदिग्ध खाद रखे होने की सूचना

उप संचालक कृषि भानु प्रकाश शर्मा के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी डबरा को शुगर मिल क्षेत्र के एक गोदाम में संदिग्ध खाद रखे होने की सूचना प्राप्त हुई थी।

इसके बाद प्रशासन के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने गोदाम की जांच की।

जांच के दौरान मिले उर्वरकों और खाली बैगों के संबंध में आवश्यक दस्तावेज मांगे गए, लेकिन संचालक उन्हें प्रस्तुत नहीं कर सका।

इसके बाद विभाग ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

कृषि उत्पादन में उर्वरकों की गुणवत्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

यदि किसानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद नहीं मिलती है, तो इससे फसलों की वृद्धि और उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

इसी कारण उर्वरकों की बिक्री, भंडारण और गुणवत्ता से संबंधित नियमों का पालन आवश्यक है।

डबरा में सामने आए इस मामले में प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।

जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी खाद की गुणवत्ता

फिलहाल पुलिस और कृषि विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।

जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि गोदाम में इतनी बड़ी मात्रा में उर्वरक किस उद्देश्य से रखे गए थे और उनके भंडारण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज क्यों उपलब्ध नहीं थे।

इसके साथ ही प्रयोगशाला की रिपोर्ट से खाद की गुणवत्ता स्पष्ट हो सकेगी।

Digital Gwalior News इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई और जांच से जुड़े नए घटनाक्रम की जानकारी पाठकों तक पहुंचाता रहेगा।

नोट: यह समाचार 29 अक्टूबर 2026 की प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। बरामद खाद के नकली होने की पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित आरोप जांच के अधीन हैं।