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पति के सामने प्रेमी का हाथ थामा, हाईकोर्ट में टूटा रिश्ता – 17 महीने की शादी खत्म होने की कगार पर

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसने वैवाहिक रिश्तों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर कई सवाल खड़े कर दिए।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसने वैवाहिक रिश्तों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर कई सवाल खड़े कर दिए। हैबियस कॉर्पस याचिका की सुनवाई के दौरान एक विवाहित महिला ने कोर्ट में अपने पति के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उसने खुलेआम अपने प्रेमी का हाथ थामकर उसके साथ रहने की इच्छा जाहिर की।

पति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी को जबरन बंधक बनाकर रखा गया है, लेकिन कोर्ट में पेश होकर महिला ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उसने स्पष्ट कहा कि वह अपनी मर्जी से अपने प्रेमी के साथ रह रही है।

करीब 17 महीने पहले हुई इस शादी में दरार तब आई जब पति काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहने लगा और इसी दौरान महिला का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध बन गया। काउंसलिंग के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी।

स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने दोनों को आपसी सहमति से तलाक लेने की सलाह दी। साथ ही, महिला को उसकी मां के साथ जाने की अनुमति देते हुए याचिका को समाप्त कर दिया गया।

यह मामला एक बार फिर रिश्तों में भरोसे, व्यक्तिगत आजादी और बदलते सामाजिक मूल्यों पर गंभीर चर्चा को जन्म देता है।