ग्वालियर में दिवाली से पहले पटाखा बाजार गुलजार! 350 से ज्यादा दुकानें खुलीं, बच्चों को लुभा रहे नए डिजाइन के पटाखे
ग्वालियर के मेला ग्राउंड में दिवाली के लिए 350 से ज्यादा पटाखा दुकानें खुलीं। हेलीकॉप्टर, वॉटरमेलन अनार और सीटी वाले पटाखे बने आकर्षण।
ग्वालियर। दीपावली नजदीक आते ही ग्वालियर के मेला ग्राउंड में पटाखों का बाजार सज गया है। यहां 350 से ज्यादा दुकानें खुल चुकी हैं, जहां पारंपरिक पटाखों के साथ बच्चों और युवाओं को आकर्षित करने वाले नए डिजाइन के पटाखे भी उपलब्ध हैं।
इस बार बाजार में वॉटरमेलन, अनार, हेलीकॉप्टर, सीटी और अन्य आकर्षक डिजाइन वाले पटाखे ग्राहकों का ध्यान खींच रहे हैं। हालांकि, महंगाई और मौसम की वजह से पटाखा कारोबार पर असर पड़ने की बात भी सामने आई है।
मेला ग्राउंड में 350 से ज्यादा दुकानें, 400 को मिले लाइसेंस
ग्वालियर के मेला ग्राउंड में दीपावली को लेकर पटाखा कारोबारियों ने अपनी दुकानें सजा ली हैं।
व्यापारियों के अनुसार, मेला ग्राउंड में करीब 400 दुकानों के लाइसेंस जारी हुए हैं, जिनमें से लगभग 350 दुकानें खुल चुकी हैं।
बाजार में विभिन्न प्रकार के पटाखे उपलब्ध हैं और दुकानदारों को दीपावली नजदीक आने के साथ ग्राहकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
इस बार पटाखों के तीन नए पैकेट बने आकर्षण
पटाखा व्यापारी रौनक जैन के मुताबिक, इस बार बाजार में बच्चों के लिए विशेष डिजाइन वाले पटाखे आए हैं।
इनमें तीन प्रकार के पैकेट प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।
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वॉटरमेलन अनार: तरबूज जैसे डिजाइन वाला अनार पटाखा।
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हेलीकॉप्टर पटाखा: हेलीकॉप्टर की थीम पर तैयार पटाखा।
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सीटी और अनार पैक: बच्चों को आकर्षित करने वाले अलग-अलग डिजाइन के पटाखे।
इसके अलावा एक विशेष पैकेट में पांच रंगों की आतिशबाजी देखने का दावा भी किया जा रहा है।
महंगाई के बावजूद बच्चों की खुशी के लिए खरीदारी
पटाखा कारोबारियों का कहना है कि महंगाई का असर इस बार ग्राहकों की खरीदारी पर दिखाई दे रहा है।
दुकानदारों के अनुसार, कई परिवार बच्चों की पसंद पूरी करने के लिए अपने बजट से अधिक खर्च कर रहे हैं।
कुछ ग्राहक लगभग ₹5,000 से ₹7,000 तक के पटाखे खरीद रहे हैं। हालांकि, यह दुकानदारों का अनुमान है, न कि पूरे बाजार की औसत खरीदारी का आंकड़ा।
खाड़ी देशों में युद्ध से पटाखों की सप्लाई प्रभावित होने का दावा
कुछ पटाखा व्यापारियों ने दावा किया है कि खाड़ी देशों में युद्ध और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़ने से पटाखों की लागत प्रभावित हुई है।
उनका कहना है कि कच्चे माल की कीमत बढ़ने से पटाखों की सप्लाई और किराया महंगा हुआ है।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पटाखों की कीमतों में बदलाव के पीछे वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए आपूर्ति और लागत संबंधी आधिकारिक आंकड़ों की आवश्यकता होगी।
गिरवाई नाके पर बाजार नहीं लगने से दुकानदार परेशान
इस बार ग्वालियर के गिरवाई नाके पर पटाखा बाजार नहीं लगाया गया है।
दुकानदारों के अनुसार, पहले अलग-अलग क्षेत्रों में पटाखों की दुकानें लगने से ग्राहकों को खरीदारी के कई विकल्प मिलते थे।
अब अधिकतर दुकानों के मेला ग्राउंड में केंद्रित होने के कारण ग्राहकों को एक ही स्थान पर आना पड़ रहा है।
कुछ व्यापारियों का मानना है कि इससे पटाखों की बिक्री प्रभावित हो सकती है।
ग्राहकों को मिल रहे गिफ्ट और आकर्षक ऑफर
बाजार में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई दुकानदार विशेष ऑफर भी दे रहे हैं।
व्यापारियों के अनुसार, अधिक मात्रा में पटाखे खरीदने वाले ग्राहकों को गिफ्ट और अन्य ऑफर दिए जा रहे हैं।
दुकानदारों को उम्मीद है कि दीपावली नजदीक आने के साथ खरीदारी बढ़ेगी और कारोबार में तेजी आएगी।
सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम
पटाखा व्यापारियों के मुताबिक, मेला ग्राउंड में सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
दुकानों में अग्निशमन उपकरण रखने और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करने की बात कही गई है।
इसके अलावा व्यापारियों का दावा है कि दुकानों पर 100 डेसिबल से कम आवाज वाले पटाखे रखे गए हैं। इस दावे की आधिकारिक जांच की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
दिवाली नजदीक आते ही बढ़ सकती है बाजार में रौनक
ग्वालियर के पटाखा व्यापारियों को उम्मीद है कि दीपावली के करीब आते ही ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी।
हालांकि, महंगाई, सप्लाई की लागत और बाजार व्यवस्था जैसी चुनौतियों के बीच दुकानदारों की नजर आगामी बिक्री पर बनी हुई है।
Digital Gwalior News की अपील: पटाखों की खरीदारी केवल अधिकृत दुकानों से करें। बच्चों को पटाखों से दूर रखें और सभी सुरक्षा एवं प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन करें।