1. चड्डी-बनियान में ड्यूटी, वीडियो वायरल होते ही अधिकारी सस्पेंड
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  3. ग्वालियर में कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन एएसपी राजेश सिंह चंदेल समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती, अवैध वसूली, धमकी और साक्ष्य मिटाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में समझौते के नाम पर 30 लाख रुपये वसूलने का आरोप लगाया गया है।
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चड्डी-बनियान में ड्यूटी, वीडियो वायरल होते ही अधिकारी सस्पेंड

मंदसौर के गरोठ क्षेत्र में गेहूं खरीदी केंद्र के प्रबंधक मनोज शर्मा चड्डी-बनियान में काम करते दिखे। वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।

मध्य प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक हलचलों और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं पर तीखी और बेबाक जानकारी देने वाला वीडियो दैनिक भास्कर ऐप पर नियमित रूप से उपलब्ध है। यह विशेष प्रस्तुति मंगलवार से रविवार तक प्रतिदिन सुबह 6 बजे देखी जा सकती है।देवास के हाटपीपल्या क्षेत्र में भाजपा किसान मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष टिकेंद्र प्रताप सिंह के स्वागत के लिए आयोजित कार्यक्रम एक अप्रत्याशित घटना के कारण चर्चा में आ गया। कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ मंच तैयार किया, लेकिन भीड़ बढ़ने से मंच पर जरूरत से ज्यादा लोग चढ़ गए।कुछ ही क्षणों में मंच का संतुलन बिगड़ गया और वह अचानक टूटकर नीचे गिर पड़ा। इस हादसे में नेता सहित कई कार्यकर्ता एक साथ जमीन पर आ गिरे। घटना के दौरान मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।जिला अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद टिकेंद्र प्रताप सिंह क्षेत्र में कार्यकर्ताओं से मुलाकात और आभार व्यक्त करने निकले थे। इसी क्रम में अलग-अलग स्थानों पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे। हाटपीपल्या में भी समर्थकों ने विशेष स्वागत की तैयारी की थी, लेकिन अत्यधिक उत्साह के चलते कार्यक्रम यादगार होने के साथ-साथ हास्यास्पद स्थिति में बदल गया।

कार्यक्रम में पहुंचने से पहले टिकेंद्र प्रताप सिंह करीब 70 वाहनों के काफिले के साथ क्षेत्र में पहुंचे थे। जब इस संख्या को लेकर सवाल उठे तो उन्होंने बताया कि शुरुआत में लगभग 300 वाहन शामिल होने वाले थे, लेकिन नरेंद्र मोदी की सादगी और अनावश्यक खर्च से बचने की अपील को ध्यान में रखते हुए कई वाहनों को बीच रास्ते से वापस भेज दिया गया।
उनके इस बयान ने पूरे घटनाक्रम को और चर्चा का विषय बना दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की सलाह का पालन करते हुए वे फिजूलखर्ची से बचना चाहते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने सोना जैसी महंगी वस्तुओं की खरीद से बचने संबंधी अपील का भी उल्लेख किया। इसके बाद लोगों ने इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं और इसे प्रधानमंत्री की सलाह को गंभीरता से लेने की मिसाल बताया।

कलेक्टर से तीखी बहस के बाद चर्चा में आए जीतू पटवारी
जीतू पटवारी और पार्थ जैसवाल के बीच हुई तीखी बातचीत ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी। नाराजगी जताते हुए पटवारी ने कलेक्टर से कहा कि यह घटना उन्हें लंबे समय तक याद रहेगी और नौकरी के दौरान इस दिन को भुलाना आसान नहीं होगा।
ग्रामीणों से मिलने को लेकर बढ़ा विवाद
विवाद उस समय शुरू हुआ जब पटवारी छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें तत्काल अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। इस पर उन्होंने फोन पर कलेक्टर से संपर्क किया और अपनी आपत्ति स्पष्ट रूप से दर्ज कराई।
समर्थकों के साथ अंदर पहुंचे
कुछ देर बाद स्थिति बदली और पटवारी अपने समर्थकों के साथ परिसर के भीतर पहुंच गए। वहां उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद मामला व्यापक रूप से चर्चा का विषय बन गया।

कलेक्टर से तीखी बहस के बाद चर्चा में आए जीतू पटवारी
जीतू पटवारी और पार्थ जैसवाल के बीच हुई तीखी बातचीत ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी। नाराजगी जताते हुए पटवारी ने कलेक्टर से कहा कि यह घटना उन्हें लंबे समय तक याद रहेगी और नौकरी के दौरान इस दिन को भुलाना आसान नहीं होगा।
ग्रामीणों से मिलने को लेकर बढ़ा विवाद
विवाद उस समय शुरू हुआ जब पटवारी छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें तत्काल अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। इस पर उन्होंने फोन पर कलेक्टर से संपर्क किया और अपनी आपत्ति स्पष्ट रूप से दर्ज कराई।
समर्थकों के साथ अंदर पहुंचे
कुछ देर बाद स्थिति बदली और पटवारी अपने समर्थकों के साथ परिसर के भीतर पहुंच गए। वहां उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद मामला व्यापक रूप से चर्चा का विषय बन गया।चड्डी-बनियान में कार्यालय पहुंचे अधिकारी, वीडियो वायरल होने पर निलंबन
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ क्षेत्र में एक गेहूं खरीदी केंद्र पर पदस्थ अधिकारी का अनोखा अंदाज चर्चा का विषय बन गया। प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था के प्रबंधक मनोज़ शर्मा कार्यालय में चड्डी-बनियान पहनकर काम करते दिखाई दिए। किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो पहुंचा अधिकारियों तक, हुई कार्रवाई
वीडियो सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। जांच के बाद मनोज शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी रही।